विवाद /जापान के डिप्टी पीएम ने कहा- परेशानी बुजुर्गों से नहीं, उन महिलाओं से जो बच्चे पैदा नहीं करतीं

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महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन कहा
महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन कहा
  • 2017 में जापान की आबादी 12.68 करोड़ थी, इसमें 2018 में 4.48 लाख की गिरावट आई
  • 2018 में 9.21 लाख बच्चे पैदा हुए, यह 100 साल में सबसे कम आंकड़ा

टोक्यो. जापान के उपप्रधानमंत्री तारो आसो का एक बयान विवादों में आ गया है। उन्होंने देश में बढ़ती बुजुर्ग आबादी और घटती जन्मदर के लिए महिलाओं को दोषी बताया है। उन्होंने कहा है कि देश में परेशानी बुजुर्गों से नहीं, बल्कि उन महिलाओं से है, जो बच्चे पैदा नहीं करतीं। इसके चलते जापान की जन्मदर कम हो रही है। आसो ने कहा कि जापान में ज्यादा उम्र के लोगों की काफी तादाद है, यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब बच्चों की संख्या कम हो जाती है। आसो जापान के वित्त मंत्री भी हैं।

विपक्ष के विरोध के बाद आसो ने माफी मांगी

स्वास्थ्य मंत्री हकुओ यानागिसावा
स्वास्थ्य मंत्री हकुओ यानागिसावा
  1. आसो के इस विवादित बयान का विपक्ष ने जमकर विरोध किया। विपक्ष ने कहा कि उप प्रधानमंत्री का यह बयान महिलाओं के प्रति असंवेदनशील है। देश में ऐसे कई कपल हैं, जो बच्चे तो चाहते हैं, लेकिन वे असमर्थ हैं। विपक्ष हमेशा से आसो को रूढ़िवादी नेता मानते हैं, जो महिलाओं के खिलाफ बयान देते रहते हैं।
  2. विपक्ष के विरोध के बाद आसो ने माफी मांगते हुए अपना बयान वापस ले लिया। 78 साल के तारो आसो ने कहा कि उनके बयान को मीडिया ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। उन्होंने कहा कि वे तो सिर्फ देश में घटती जन्मदर और जापान की स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था को सरल तरीके से बताने की कोशिश कर रहे थे।
  3. आसो ने कुछ आंकड़े बताते हुए कहा कि 2018 में जापान की जनसंख्या में रिकॉर्ड 4.48 लाख की कमी दर्ज की गई। साथ ही बच्चों के जन्म लेने की संख्या भी 9.21 लाख रही, जो पिछली एक शताब्दी (100 साल) में सबसे कम है। आसो ने चेतावनी देते हुए कहा कि बुजुर्गों के लिए बढ़ती स्वास्थ्य लागत और युवा कपल पर बढ़ते वर्कलोड की समस्या आने वाले समय में विश्व स्तर की सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरेगी।
  4. जो बच्चे पैदा नहीं करते, वे स्वार्थी होते हैं’

    सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के महासचिव तोशिहिरो निकाई भी देश के युवाओं के खिलाफ बयान दे चुके हैं। उन्होंने जून 2018 में कहा था कि जो कपल यह तय कर लेते हैं कि वे बच्चे पैदा नहीं करेंगे, वे सबसे बड़े स्वार्थी होते हैं।

  5. विशेषज्ञ की मानें तो जापान में घटते जन्मदर के लिए यहां की कुछ नीतियां और लोगों का लाइफस्टाइल है। जापान में बच्चों का पालन-पोषण काफी महंगा है। विशेषज्ञों ने बताया कि देश में बाल कल्याण प्रावधान की कमी और वर्कलोड सबसे बड़ी समस्या है।
  6. ‘जो अकेले रहते हैं, वे देश पर बोझ होते हैं’

    दो महीने पहले ही एलडीपी के सांसद कांजी कातो ने कहा था कि महिलाओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने उन लोगों को भी देश के लिए बोझ बताया था, जो शादी न करते हुए अकेले ही रहना चाहते हैं।

  7. मंत्री ने महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन कहा था

    2007 में स्वास्थ्य मंत्री हकुओ यानागिसावा ने महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन कहा था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि महिलाओं का सार्वजनिक कर्तव्य है कि वे ज्यादा बच्चे पैदा कर देश की जन्मदर बढ़ाने में भागीदारी निभाएं।

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