प्रदूषण मामला / फॉक्सवैगन पर एनजीटी ने 500 करोड़ रु का जुर्माना लगाया, 2 महीने में जमा कराने होंगे

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फॉक्सवैगन पर एनजीटी ने 500 करोड़ रु का जुर्माना लगाया
फॉक्सवैगन पर एनजीटी ने 500 करोड़ रु का जुर्माना लगाया
  • फॉक्सवैगन की डीजल कारों से नाइट्रोजन ऑक्साइड का ज्यादा उत्सर्जन हुआ
  • इससे पर्यावरण प्रदूषित हुआ और लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा

नई दिल्ली. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जर्मनी की कार कंपनी फॉक्सवैगन पर 500 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी को 2 महीने में यह रकम जमा करवानी होगी। भारत में फॉक्सवैगन की डीजल कारों से हुए पर्यावरण प्रदूषण की वजह से यह पेनल्टी लगाई गई है।

फॉक्सवैगन ने कारों में डिवाइस लगाकर चीटिंग की थी

  1. जांच में यह साबित हुआ था कि कंपनी ने एक डिवाइस के जरिए फर्जी तरीके से अपनी गाड़ियों से कम प्रदूषण होने का दावा किया था। एनजीटी ने 16 नवंबर 2018 को फॉक्सवैगन से कहा था कि वह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को 100 करोड़ रुपए की अंतरिम राशि जमा करवाए।
  2. एनजीटी ने सीपीसीबी, भारी उद्योग मंत्रालय, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम भी गठित की थी। इस कमेटी ने फॉक्सवैगन पर 171.34 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी। कंपनी के वाहनों से दिल्ली में नाइट्रोजन ऑक्साइड के ज्यादा उत्सर्जन से लोगों के स्वास्थ्य को हुए नुकसान की वजह से पेनल्टी की सिफारिश की गई थी।
  3. इस मामले में एक स्कूल टीचर और अन्य लोगों ने एनजीटी में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि फॉक्सवैगन के वाहनों की बिक्री पर रोक लगाई जाए। वह उत्सर्जन के नियमों का उल्लंघन कर रही है।

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