पीएनबी को 247 करोड़ का मुनाफा, 13 हजार करोड़ के घोटाले के बाद लगातार 3 तिमाही घाटे में थी

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पीएनबी को 247 करोड़ का मुनाफा
पीएनबी को 247 करोड़ का मुनाफा
  • नीरव के घोटाले के बाद 3 तिमाही में 18889 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था
  • पीएनबी प्रबंधन ने कहा- नीरव मोदी के घोटाले से उबर चुका है बैंक
  • अक्टूबर-दिसंबर 2018 में ग्रॉस एनपीए 16.33%, नेट एनपीए 8.22% रहा

नई दिल्ली. 13 हजार करोड़ रुपए के घोटाले के बाद लगातार घाटे में जा रही पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 246.51 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। सालाना आधार पर यह 7.12% ज्यादा है। 2017 की दिसंबर तिमाही में बैंक को 230.11 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। 2018 की दिसंबर तिमाही में एनपीए की प्रोविजनिंग घटने की वजह से पीएनबी मुनाफे में आया। इससे पहले लगातार 3 तिमाही नुकसान में रहा था। अधिकारियों को कहना है कि अब पीएनबी नीरव मोदी के घोटाले से उबर चुका है।

कुल आय में 2.64% गिरावट

  1. दिसंबर तिमाही में पीएनबी ने कुल 2,753.84 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग की। इसमें से एनपीए के लिए 2,565.77 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग की गई। यह जुलाई-सितंबर की तुलना में 67% कम है। 2017 की दिसंबर तिमाही में कुल प्रोविजनिंग 4,466.68 करोड़ रुपए और एनपीए के लिए प्रोविजनिंग 2,996.42 रही थी।

    पिछली तिमाही के मुकाबले एनपीए की प्रोविजनिंग 67% कम

    तिमाही एनपीए की प्रोविजनिंग (रुपए)
    अक्टूबर-दिसंबर 2018 2565.77 करोड़
    जुलाई-सितंबर 2018 7733.27 करोड़
    अक्टूबर-दिसंबर 2017 2996.42 करोड़
  2. बैंक की कुल आय 2.64% घटकर 14,854.24 करोड़ रुपए रह गई। 2017 की दिसंबर तिमाही में 15,257.5 की इनकम हुई थी। नेट इंटरेस्ट इनकम 4,289 करोड़ रुपए रही है।
  3. पीएनबी के तिमाही नतीजे
    तिमाही मुनाफा/घाटा (रुपए) आय (रुपए)
    अक्टूबर-दिसंबर 2018 246.51 करोड़ 14854.24 करोड़
    जुलाई-सितंबर 2018 -4532.35 करोड़ (घाटा) 14035.88 करोड़
    अक्टूबर-दिसंबर 2017 230.11 करोड़ 15257.50 करोड़

     

  4. पीएनबी के एनपीए में कमी आई है। दिसंबर तिमाही में नेट एनपीए 8.22% और ग्रॉस एनपीए 16.33% रहा है। सितंबर तिमाही में नेट एनपीए 8.90% और ग्रॉस एनपीए 17.16% था। 2017 की दिसंबर तिमाही में नेट एनपीए 7.55% और ग्रॉस एनपीए 12.11% था।
  5. पीएनबी के एमडी और सीईओ सुनील मेहता का कहना है कि बैंक के वित्तीय नतीजे पटरी पर लौटे हैं। बैंक नीरव मोदी के घोटाले से उबर चुका है।
  6. रिकवरी बढ़ने से एनपीए कम हुआ

    मेहता ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की 3 तिमाही में बैंक ने 16,000 करोड़ रुपए की रिकवरी की है। यह एक साल पहले की तुलना में करीब तीन गुना है। रिकवरी तेज होने से ग्रॉस एनपीए में कमी आई है।

  7. नीरव के घोटाले की वजह से हुआ था 13417 करोड़ का घाटा

    पीएनबी को 2018 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 4,532.35 करोड़ रुपए और जून तिमाही में 940 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। जनवरी-मार्च में 13,417 का घाटा हुआ। यह भारतीय बैंकिंग इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा नुकसान है।

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