धनतेरस / दुनिया में सबसे ज्यादा भारतीय महिलाओं के पास 21 हजार टन सोना

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Ahmedabad: A customer tries a gold necklace at a jewellery showroom on the occasion of Ravi Pushya festival in Ahmedabad on Sunday. PTI Photo (PTI10_23_2016_000198A)

दुनिया में अब तक दो लाख टन सोना निकाला जा चुका है
भारत में कुल 24 हजार टन सोना, सालाना उत्पादन 1.5 टन और उपयोग 849 टन
भारतीय अपनी बचत का 11% हिस्सा सोने में निवेश करते हैं
दुनिया में चीन सोने का सबसे बड़ा उत्पादक, 2017 में 426.14 टन सोने का प्रोडक्शन किया

नई दिल्ली. सोना पूरी दुनिया में समृद्धि के सबसे बड़े प्रतीकों में से एक है। इसे पाने और इससे संवारने की दीवानगी दुनियाभर में है। धनतेरस सोना खरीदने का सबसे अच्छा दिन माना जाता है। देश और दुनिया में कितना सोना है और इसका क्या महत्व है। इस पर यह रिपोर्ट पढ़िए।

भारत में 24 हजार टन सोने का अनुमान
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार दुनिया में जब से सोने का खनन शुरू हुआ है, जमीन से करीब दो लाख टन सोना निकाला जा चुका है। फिलहाल सोने के सालाना उत्पादन और उपयोग में चीन सबसे आगे है। काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 24 हजार टन सोना होने का अनुमान है। इसमें भी भारतीय महिलाओं के पास 21 हजार टन सोना है। यह दुनिया में सबसे ज्यादा है। इतना सोना सबसे ज्यादा गोल्ड रिजर्व वाले शीर्ष पांच देशों के बैंकों के भंडार को मिलाकर भी नहीं है।

निवेश के मामले में जमीन को तरजीह
भारतीय परिवारों में निवेश के मामले में सबसे बड़ी प्राथमिकता जमीन है। दूसरा नंबर सोने का है। लोग कुल बचत का 84 प्रतिशत हिस्सा तक रियल एस्टेट में लगाते हैं तो 11 प्रतिशत हिस्सा गोल्ड में जाता है।

भारत में लोग अपनी बचत का सिर्फ 5 प्रतिशत ही बैंक अकाउंट, शेयर, फंड जैसे साधनों में लगाते हैं। लेकिन देश के कुछ राज्यों में गोल्ड में निवेश राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है। इसमें सबसे ज्यादा तमिलनाडु में लोग कुल निवेश का 28.3 प्रतिशत हिस्सा सोने में लगाते हैं।

भारतीय घरों में मौजूद कुल सोने में करीब 80 प्रतिशत हिस्सा गहनों का है। सोने के गहनों पर बड़ी गोल्ड कंपनियां मेकिंग चार्ज के रूप में सोने की कीमत का 14 प्रतिशत तक लेती हैं।

2017 में उत्पादन सिर्फ 1594 किलो
सोने के उत्पादन में भारत बहुत पीछे है। स्टेटिस्टा के मुताबिक देश में 2017 में सिर्फ 1,594 किलो यानी डेढ़ टन साेने का उत्पादन हुआ। कर्नाटक में सोने का सबसे ज्यादा प्रोडक्शन होता है।

देश में सोने का प्रोडक्शन घट रहा है। वर्ष 2000 में सोने का उत्पादन 2615 किलो हुआ था। 2007-08 में सोने का 2969 किलो उत्पादन हुआ था। इसके बाद सोने का उत्पादन घटने लगा। 2013-14 में 1564 किलोग्राम सोने का उत्पादन हुआ था।

2017 में 727 टन सोने का उपयोग
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार हमारे यहां 24 हजार टन सोना है। पिछले पांच साल में औसतन 849 टन सोने का हर साल उपयोग हुआ है। लेकिन 2017 में ये उपयोग 727 टन रहा। सोने का सबसे ज्यादा इम्पोर्ट भारत करता है। भारत में हर साल जितना भी सोना आता है, वो घरों में जमा हो जाता है। भारत में सोने को सहेज कर रखने की संस्कृति है।

भारत में ऐसे बंटा है सोना

महिलाओं के पास: दुनिया का 11 फीसदी
भारतीय महिलाओं के पास 21 हजार टन सोना है। यानी दुनिया के कुल सोने का 11 प्रतिशत हिस्सा। इतना सोना तो दुनिया के शीर्ष पांच देशों अमेरिका (8 हजार टन), जर्मनी (3,300 टन), इटली (2,450 टन), फ्रांस (2,400 टन) और रूस (1900 टन) के कुल फॉरेन रिजर्व में भी नहीं है।

बैंकों के पास: 750 टन
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में 566.36 टन सोना वर्ष 2017-18 में था। मुथूट फाइनेंस, मनप्पुरम फाइनेंस जैसी निजी कंपनियों के पास 2014 में 200 टन सोना होने का अनुमान था। मुथूट फाइनेंस के पास 116 टन, मनप्पुरम फाइनेंस के पास 40 टन और मुथूट फिन कॉर्प के पास 39 टन सोना है।

मंदिरों में: ढाई हजार टन
मंदिरों में ढाई हजार टन सोना है। केरल के पद्मनाभ स्वामी मंदिर में 1300 टन सोना होने का अनुमान है। वैसे दुनिया का सबसे अमीर मंदिर आंध्रप्रदेश का तिरुपति मंदिर माना जाता है। हर माह यहां 100 किलो सोना आता है। मंदिर के पास 250 से 300 टन सोना है। कुछ समय पहले मंदिर ने 4.5 टन सोना बैंक डिपॉजिट स्कीम में रखा है।

दुनिया में करीब 2 लाख टन सोना
खनन से अब तक 1 लाख 90 हजार 40 टन सोना निकाला गया। इसमें दो तिहाई यानी 1.26 लाख टन 1950 के बाद निकाला गया।
हर साल दुनियाभर में लगभग 3 हजार टन सोना खनन से निकाला जा रहा है।
धरती के भीतर अभी और कितना सोना है, यह आकलन समय-समय पर नई खोजों के अनुसार बदलता रहा है।
दुनिया भर में जितना सोना है उसका लगभग 48 फीसदी जेवरात के रूप में है।

चीन सबसे बड़ा उत्पादक, उपयोग में भी सबसे आगे
चीन ने 2017 में 426.14 टन सोने का उत्पादन किया। 2007 में गोल्ड प्रोडक्शन के मामले में चीन ने दक्षिण अफ्रीका को पीछे छोड़कर नंबर एक का स्थान हासिल किया था। इस साल चीन ने 276 मीट्रिक टन सोना खनन करके निकाला था जबकि दक्षिण अफ्रीका 272 मीट्रिक टन सोना निकाल पाया था।

चीन ने 2017 में 1089 टन सोने का उपयोग किया। पिछले साल चीन ने अपने उपयोग के लिए करीब 660 टन सोना आयात किया। कुल 696.5 टन सोने का ज्वेलरी में इस्तेमाल हुआ।

चीन में जन्म के समय बच्चों को सोने के नेकलेस और ब्रेसलेट दिए जाते हैं। चीन में सोने की सबसे ज्यादा बिक्री न्यू ईयर पर होती है। इस मौके पर लोग अपनी जन्मराशि के प्रतीक 24 कैरेट गोल्ड में खरीदते हैं।

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